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झीरम की सजा से पहले फिर गरमाया मामला! भूपेश बघेल बोले- ‘अभी पूरा न्याय बाकी’, जांच पर उठाए सवाल

अंबिकापुर, 16 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हमले मामले में दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों की सजा पर आज फैसला होना है। जगदलपुर की विशेष NIA अदालत ने 5 सितंबर को मामले में सुनवाई का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अब अदालत सजा की अवधि तय करेगी।

सजा के ऐलान से पहले अंबिकापुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने झीरम मामले की जांच और अदालत के फैसले को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला आ चुका है, लेकिन पीड़ित परिवारों को अभी पूरा न्याय नहीं मिला है।

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‘NIA ने पूरी जांच नहीं की’

अंबिकापुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बघेल ने आरोप लगाया कि NIA ने मामले की पूरी जांच नहीं की। उनका कहना है कि जिन लोगों को मुख्य आरोपी माना जाना चाहिए था, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

बघेल ने यह भी दावा किया कि घटना के समय मौके पर मौजूद चश्मदीद गवाहों से पर्याप्त पूछताछ नहीं की गई। उनके मुताबिक झीरम घाटी हमले के पीछे की पूरी साजिश और वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ाने की जरूरत थी।

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‘मुख्य आरोपियों के नाम FIR से हटाए गए’

पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जिन लोगों को मुख्य आरोपी माना जा रहा था, उनके नाम FIR से हटा दिए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच पूरी नहीं हुई तो पीड़ित परिवारों को पूर्ण न्याय कैसे मिलेगा।

बघेल की ये टिप्पणियां अदालत द्वारा 10 आरोपियों को दोषी ठहराए जाने और सजा सुनाए जाने की तारीख तय होने के बाद सामने आई हैं। अदालत के फैसले और जांच से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर ही इन आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति तय होगी।

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200 से ज्यादा नक्सली थे तो सिर्फ 10 पर कार्रवाई क्यों?

कांग्रेस नेता मालकित गैदु ने भी झीरम मामले में सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय मौके पर 200 से अधिक नक्सली मौजूद थे। ऐसे में मौजूदा मुकदमे में केवल 10 आरोपियों के दोषी ठहराए जाने को लेकर उन्होंने सवाल किया कि क्या इससे पूरी घटना की जिम्मेदारी तय हो जाती है।

13 साल बाद आया दोषसिद्धि का फैसला

25 मई 2013 को दरभा क्षेत्र की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी। मामले में 11 आरोपी ट्रायल का सामना कर रहे थे, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। इसके बाद 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई आगे बढ़ी।

करीब 13 साल चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 5 सितंबर 2026 को विशेष NIA अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया। अब 16 सितंबर को अदालत इन दोषियों की सजा पर फैसला सुनाने वाली है।

सजा के दिन फिर उठे पुराने सवाल

एक तरफ अदालत द्वारा 10 आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद आज सजा का ऐलान होना है, वहीं दूसरी ओर भूपेश बघेल के बयान ने झीरम हमले की कथित बड़ी साजिश, जांच की दिशा और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर पुरानी बहस को फिर सामने ला दिया है।

अब नजर अदालत के सजा संबंधी फैसले पर है। वहीं बघेल द्वारा उठाए गए जांच संबंधी सवालों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत के रिकॉर्ड, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।

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